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Sunday, 1 December 2013

???...???


वो बात जो अनकही हे
किस से कहू में ???
मेरे मन कि उलझनों में
किसे चुनू में

कितने होंगे फिर तर्क - वितर्क
और समझाइशें। ....
 लेकिन  ये जो बात दिल में हे चुभ रही
केसे बताऊ में ???

हा यू तो एक खुली किताब हू में
जो हे सब बयां हे
पर  इस वक़्त जो  चल रहा मन में
किन शब्दो से बयां करुँ में ???

वो बात जो अब तक कही नहीं
गुत्थियां जो अब तक सुलझी नहीं
स्थिति जो खुद मेने ही बनाई हे
किस तरह बदल दू में ???

 वो बात जो अनकही हे
किस से कहू में ???

 ~ नूपुर ~ 

8 comments:

  1. बहुत ही बढ़िया


    सादर

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  2. मन की बात हर किसी से कही नहीं जाती ... अपने के सिवा ...

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  3. bahut badiya.............. man ki baat btane k liye kisi dost ko dundhna aajkal bda muskil kaam h.. likhte rhe

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    Replies
    1. Sahi kaha... man ko baat har kisi se nahi ki ja sakti...

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