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Friday, 31 August 2012

क्यूँ ??



हर वक़्त एसा क्यूँ  होता हे ??
क्यूँ  ये दिल अक्सर तनहा हो कर रोता हे??


होती नहीं बेगानों की परवाह कोई ,
न ही कोई अरमान होता हे . . .
बस दर्द सा उठता हे जब ,
वो मेरा अपना, उन बेगानों में होता हे///


होती नहीं आशा कोई,
न ही कोई गिला होता हे .  . .
बस छुप-छुप कर यूँ ही ,
मेरा दिल हर पल रोता हे ///


होती नहीं खुशियाँ कोई,
न ही कोई गम होता हे . . .
बस तकलीफ सी होती हे जब ,
शीशे की तरह मुझे मेरा अपना ही तोड़ता हे ///


क्या गुनाह हे मेरा??
क्यूँ हरपल ये सवाल होता हे??


क्या भरोसा हे वजह इसकी??
या इस दुनिया में कोई अपना ही नहीं होता हे??


~नूपुर~

15 comments:

  1. क्या भरोसा हे वजह इसकी??
    या इस दुनिया में कोई अपना ही नहीं होता हे??

    अच्छा सवाल है....मैंने जो अब तक महसूस किया और देखा है उसके हिसाब से तो जिसे हम अपना समझते हैं अक्सर उसी से धोखा खाते हैं और जिससे कोई उम्मीद नहीं रखते वही हमे अपने करीब लाग्ने लगता है।


    सादर

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  2. इक दर्द छुपा कर सीने में तुम देख लो हौले-हौले..
    सौ दर्द उठेंगे फिर उसमे, और दर्द ही मज़ा होगा !!

    ये है ही ऐसा.. ऐसा ही होता है.. क्यूँ होता है- ये कौन जानता है??!!

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  3. क्या गुनाह हे मेरा??
    क्यूँ हरपल ये सवाल होता हे??


    क्या भरोसा हे वजह इसकी??
    या इस दुनिया में कोई अपना ही नहीं होता हे??


    आपकी क्यूँ से मन में झनझनाहट सी हो रही है,नुपूर जी.
    आप मेरे ब्लॉग पर क्यूँ नही आईं जी?

    सभी तो अपनेपन की तलाश में हैं.

    भावमय प्रस्तुति के लिए आभार.

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  4. शीशे की तरह मुझे मेरा अपना ही तोड़ता हेहै ///
    बेगाने की इतनी जुर्रत कहाँ .....

    क्या भरोसा है वजह इसकी??
    आँख बंद होना वजह है ....

    या इस दुनिया में कोई अपना ही नहीं होता हेहै??
    एक खोजो हजार मिलेगें ,विश्वासघात साथ लेकर ....

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  5. कल 02/09/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  6. Do not surrender your life to any other person
    .
    because
    .
    kab toot jaye.........
    kasam hi to hai.
    .
    .
    kab badal jaye.......
    nazar hi to hai.
    .
    .
    kisi ke sath ki adat na dalna mere dost.....
    kab chhut jaye jindagi hi to hai..!!!

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  7. Ap sabhi ka dhanyawaad.... :)

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  8. Superb Yr......Really Heart Touching......

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  9. गहन अनुभूति लिए भावपूर्ण रचना...

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  10. मन के मर्म का सुंदर शब्द-चित्र, वाह !!!!!!!!!!

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  11. भरोसा हो तो बेगाने भी कभी कभी अपने हो जाते हैं ...
    पर प्रश्न फिर भी खड़े रहते हैं ...
    भावपूर्ण रचना है ...

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