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Wednesday, 6 June 2012

अधूरे ख्वाब




कुछ करने की है उम्मीद
कुछ पाने की है आशा
तय करना बाकि है अभी एक लम्बा सा फासला 



अधूरी है कई ख्वाईशे
आधे है सरे सारे  ख्वाब
मिलेगी मुझे भी 
शोहरत  बेहिसाब 



जानता हूँ मैं, 
जीवन के इस सफ़र में आएँगी कई मुश्किलें 
और बहुत सी रुकावटें 
पर नहीं रुकुंगा मैं ना ही थकुंगा मैं 
करूँगा महेनत बेहिसाब 
यकीन है मुझे, 
एक दिन होंगे पूरे मेरे, अधूरे ख्वाब....





~~JAYESH K.

7 comments:

  1. बहुत खूब बड़े भाई ! आपके सारे अधूरे ख्वाब जल्दी ही पूरे होंगे।

    एक काम कर लीजिये--दूसरे पैरा की आखिरी लाइन मे शौराहत को शोहरत कर देंगे तो ठीक लगेगा :)

    सादर

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  2. कल 08/06/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  3. धन्यवाद यशवन्त भाई !!

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  4. अधूरी है कई ख्वाईशे
    आधे है सारे ख्वाब


    करूँगा महेनत बेहिसाब
    यकीन है मुझे,
    एक दिन होंगे पूरे मेरे, अधूरे ख्वाब....!

    आमीन.....!

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  5. I too believe in Ur dreams my elder bro.
    they 'll come true one day surely.....

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  6. हम होंगे कामियाब एक दिन ....
    सुंदर सोच ...बढ़े चलो ...
    शुभकामनायें

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