Thank You so much for landing here, and giving your precious time to read my blog.
Your comments will appreciate me more, so feel free to drop your views on my post :)

Search Books

Saturday, 31 March 2012

ज़िंदगी की किताब में,,, कुछ पन्ने बहुत हसीन होते हे!!!! वक़्त गुज़र जाता है,,, और बस यादें रह जाती है . . . . .!!!!





ज़िंदगी की किताब में,,,
कुछ पन्ने बहुत हसीन होते हे!!!!
वक़्त गुज़र जाता है,,,
और बस यादें रह जाती है . . . . .!!!!

एक बारिश की बूंद से,,,
यादें ताज़ा हो जाती है!!!
 अब माँ की चुनरी भी,,,
सारा आसमान नज़र आती है  . . . . . . !!!

एक हवा के झोंके से,,,
आंखो मैं समुंदर भर आता है!!!
अब पिता की चिल्लानै पर भी,,,
दिल खुश हो जाता है  . . . . . . !!!

नन्हे-नन्हे  क़दम  से,,,
जब कोई चलना सिखाता है!!!
वाही दो हाथ का सहारा,,,
एक दिन ज़िंदगी बन जाता है  . . . . . . !!!


छोटा सा सपना,,,
जब कोई आंखो पर सजता है!!!
वाही बात-बात पर चिल्लानै वाला इंसान,,,
एक दिन अपना कहा जाता है. . . .!!!

बड़ी-बड़ी लहरों पर जब,,,
कोई नौका चलाता है!!!
ऊस नाव के जाने से,,,
सारा भविष्य उज्ज्वल हो जाता है. . . .!!!!


मिट्टी  के टुकड़े  से,,,
 जब कोई आकार बनाता है!!!
वह मिट्टी का टुकड़ा एक दिन,,,
इस दुनिया मैं इंसान कहा जाता है. . . .!!!!


हवा के ठंड झोंके से,,,
जब साँस तकराती है!!! 
तेरी वो दोस्ती,,, 
होंठों पर मुस्कान दे जाती है  . . . . . . !!!  


दो क़दम  का साथ अगर,,,
जीवन भर याद आता है!!!
आखिर क्यूं इंसान फिर भी,,
इस तरह गुमराह हो जाता है. . . .?????

एक छोटा सी शिक्षा
फिर से उठना सिखाती है!!!
गिर-गिर कर उठने मैं अक्सर,,,
रूह कमज़ोर जाती है  . . . . . . !!!

हर कदम पर धोखा,,,
 जब ज़िंदगी दे जाती है . . . . .!!!!
यार दोस्ती तेरी,,
फिर से चलना सिखाती है!!! 

हो बस एक फरिश्ता साथ अगर,,,
मुश्किल आसान हो जाती है!!!
हर मोड़ पर बदलती ज़िंदगी,,,
एक दिन जन्नत बन जाती है!!!

ज़िंदगी की किताब में,,,
कुछ पन्ने बहुत हसीन होते हे!!!!
वक़्त गुज़र जाता है,,,
और बस यादें रह जाती है . . . . .!!!!

~नूपुर~

42 comments:

  1. सराहनीय ...
    ज़िन्दगी बड़ी अजीब होती है .....


    "यार दोस्ती तेरी,
    फिर से चलना सिखाती है"
    True friendship can do wonders ...

    ReplyDelete
  2. छोटा सा सपना,,,
    जब कोई आंखो पर सजता है!!!
    वाही बात-बात पर चिल्लानै वाला इंसान,,,
    एक दिन अपना कहा जाता है. . . .!!!!
    nice one..
    keep it up..

    ReplyDelete
  3. हर कदम पर धोखा,,,
    जब ज़िंदगी दे जाती है . . . . .!!!!
    यार दोस्ती तेरी,,
    फिर से चलना सिखाती है!!!

    क्या बात हें.... बहुत बढ़िया.....!!!

    ReplyDelete
  4. मिट्टी के टुकड़े से,,,
    जब कोई आकार बनाता है!!!
    वह मिट्टी का टुकड़ा एक दिन,,,
    इस दुनिया मैं इंसान कहा जाता है. . . .!!!!

    बहुत ही खूबसूरत रचना।


    सादर

    ReplyDelete
  5. @jayesh
    Hmm....True friendship is a miracle :)

    ReplyDelete
  6. @ sumukh bansal
    ya sure....i'll :)

    ReplyDelete
  7. @anand shukla
    Thanks dear :)

    ReplyDelete
  8. आपको रामनवमी और मूर्खदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    ----------------------------
    कल 02/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
  9. @yashwant ji....
    apko b bohot bohot bdhaiya :)

    ReplyDelete
  10. @yashwant ji....
    apko b bohot bohot bdhaiya :)

    ReplyDelete
  11. एक छोटा सी शिक्षा
    फिर से उठना सिखाती है!!!
    गिर-गिर कर उठने मैं अक्सर,,,
    रूह कमज़ोर जाती है . . . . . . !!!

    गहन अभिव्यक्ति!

    ReplyDelete
  12. बहुत सुंदर प्रस्तुति ....

    ReplyDelete
  13. सच है जिन्दगी को समझ पाना बहुत मुश्किल है ..सुन्दर अभिव्यक्ति...

    ReplyDelete
  14. जितनी अनुभूतियाँ ...उतने रंग
    ज़िन्दगी तेरे अजब हैं ढंग .....

    ReplyDelete
  15. बहुत सुन्दर............

    कभी पीछे पलटते हैं तब एहसास होता है....कि कुछ पन्ने वाकई हसीं थे....

    प्यारा लेखन नुपुर.

    ReplyDelete
  16. behtarin shabd sanyojan...wah

    ReplyDelete
  17. @ ऋता शेखर मधु
    bohot bohot dhanyawad......

    ReplyDelete
  18. Dhanyawaad....संगीता स्वरुप ji :)

    ReplyDelete
  19. @ Maheshwari ji
    ha mushkil to bohot h....par ise jine me utna hi maza he :)

    ReplyDelete
  20. @expression
    Ya life is really very beautiful.....

    ReplyDelete
  21. ज़िंदगी की किताब में,,,
    कुछ पन्ने बहुत हसीन होते हे!!!!
    वक़्त गुज़र जाता है,,,
    और बस यादें रह जाती है . . . . .!!!!भावों से नाजुक शब्‍द को बहुत ही सहजता से रचना में रच दिया आपने.........

    ReplyDelete
  22. @ sushma 'आहुति'
    khushi he meri bhawna apke dil tak pohchi...

    ReplyDelete
  23. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  24. कल 10/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल (विभा रानी श्रीवास्तव जी की प्रस्तुति में) पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
  25. @yashwant ji
    aap post karne k liye swatantra he....my pleasure :)

    ReplyDelete
  26. बंद पलकों में भी डूबे एहसासों को बखूबी पिरोया है आपने। बेहतरीन कविता है।

    ReplyDelete
  27. ज़िंदगी की किताब में,,,
    कुछ पन्ने बहुत हसीन होते हे!!!!
    वक़्त गुज़र जाता है,,,
    और बस यादें रह जाती है . . . . .!!!!
    .....यही तो जीवन का सार है .....सीधे सरल शब्दों में बता दिया आपने ......सुन्दर !

    ReplyDelete
  28. @ संजय भास्कर ji
    Apka bohot bohot dhanyawad :)

    ReplyDelete
  29. बहुत सुंदर प्रस्तुति

    ReplyDelete
  30. जिंदगी जिंदगी को बहुत कुछ सिखाती है

    ReplyDelete
  31. blog jagaat se judne aaur uski yatra ke aaj ke padav par aapse sukhd mulakat hui...behtarin rachna ka najrana bhee mila..sadar badhayee aaur apne blog par aantran ke sath

    ReplyDelete
  32. @ कविता रावत
    DHANYAWAAD.... :)

    ReplyDelete
  33. @M VERMA
    sikhati b he...aur azmati b he...
    thanx 4 the visit :)

    ReplyDelete
  34. @Dr.Ashutosh
    thanx 4 visiting.... :)

    ReplyDelete
  35. @Dr.Ashutosh
    thanx 4 visiting.... :)

    ReplyDelete
  36. Wonderful poem, Noopur!

    And the length of the poem ensure that I got lost in the poem.

    You write really well :-)

    ReplyDelete
  37. @ haresh patel
    Thanx a lot.... nd its my pleasure that u really lost in it... :)
    visit again...

    ReplyDelete